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शिव दर्शन आध्यात्मिक मेले मे महिलाओ का किया सम्मान

Brahma Kumaris

धमतरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सांकरा स्थित आत्म अनुभूति तपोवन मे महाशिवरात्रि के अवसर पर सात दिवसीय आध्यात्मिक मेले में महिला दिवस के अवसर पर बदलते परिस्थिति में आध्यात्मिकता की आवश्यकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया एवं महिलाओ का सम्मान किया गया। इस संगोष्ठी में श्रीमती हेमल दोषी अध्यक्ष इनरव्हील क्लब धमतरी, कायज्योति लूनिया लायनेस क्लब धमतरी, सुशीला नाहर, अध्यक्ष पूजा विचक्षण महिला मंडल धमतरी, श्रीमती संतोष मिन्नी, अध्यक्ष नवकार महिला मंडल धमतरी, श्रीमती ममता अग्रवाल, अध्यक्ष अग्रवाल महिला मंडल धमतरी, श्रीमती रेणू खनूजा, अध्यक्ष लेडिज क्लब धमतरी, श्रीमती नम्रतामाला पवार, अध्यक्ष महिला कांग्रेस शहर धमतरी, श्रीमती अनीता बाबर अध्यक्ष मराठा महिला मंडल धमतरी, श्रीमती ममता रणसिंह, महिला बाल विकास सभापति नगर पालिक निगम धमतरी, श्रीमती विजय लक्ष्मी महावर पूर्व प्रेसीडेन्ट इन्हरव्हील धमतरी, डा.वर्षा जैन, श्रीमती चंद्रभागा साहू, अध्यक्ष साहू समाज धमतरी, श्रीमती केतकी साहू राष्ट्रपति पुरस्कृत आंगनबाडी कार्यकर्ता, ब्रह्माकुमारी जागृति बहन राजयोग शिक्षिका धमतरी एवं ब्रह्माकुमारी सरीता बहन संचालिका दिव्यधाम सेवाकेन्द्र धमतरी सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सरिता बहन जी ने अपने उदबोधन में कहा कि आध्यात्म स्वंय से स्वंय के घर परिवार से प्रारंभ होता है। नारी होना गर्व की बात है और हमें स्वंय पर भी गर्व है कि मैं एक ब्रह्माकुमारी हूॅ और मैने अध्यात्मिक जीवनशैली अपनाकर विश्व सेवा में अपना योगदान दे रही हूं। मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे संस्थान से जुडी हूॅ जिसका सम्पूर्ण संचालन की बागडोर नारी शक्ति के हाथो में है जिस संस्था की मुख्य प्रशासिका 103 वर्ष की युवा जोश से भरपूर दादी जानकी जी है जिसके मष्तिस्क को विश्वभर के वैज्ञानिको ने स्थितप्रज्ञ का टाइटल दिया है। आध्यात्मिकता हमें अंदर से सशक्त बनाती है जिससे हम विपरित परिस्थिति में भी सही निर्णय ले सकते है।
ब्रह्माकुमारी जागृति बहन ने कहा कि नारी शक्ति भगवान का वरदान है। नारी पानी की तरह निरल और शीतल होती है जो परिवार को एक सूत्र में बांध कर रखती है। परिवार के हर सदस्य के साथ अपने स्वभाव संस्कार को मिला कर चलती है। एक माॅं अपने बच्चों के संस्कार की सृजनकर्ता होती है। आध्यात्म घर परिवार से दूर नहीं करती बल्कि नारी आध्यात्म को अपना कर अपने परिवार को बेहतर ढंग से संभाल सकती है।
श्रीमती अनीता बाबर अध्यक्ष मराठा महिला मंडल ने कहा कि सबका आदर और सम्मान के साथ अपना अधिकार लेना यही सच्चे अर्थो में नारी सशक्तिकरण है।
श्रीमती हेमल दोषी अध्यक्ष इनरव्हील क्लब ने कहा कि महिलाएॅ अब पुरूषो पर निर्भर नही, पुरूष वर्ग ने भी महिलाओ के योग्यता, आवश्यकता, कार्यक्षमता को समझा और स्वीकार किया है। मकान को घर नारी ही बनाती है। प्रकृति ने नवसृजन का वरदान नारी को ही दिया है।
डा.वर्षा जैन ने कहा कि नारी प्रेम आस्था, विश्वास का प्रतीक है जीवन का आधार है। केवल एक दिन नही बल्कि हर दिन नारी के लिए खास है।
श्रीमती ममता अग्रवाल, अध्यक्ष अग्रवाल महिला मंडल ने कहा कि वेदों में नारी को 100 गुरूओ से श्रेष्ठ माना गया है। गुणो की खान होती है और भगवान को भी धरती पर लाने के निमित्त बनती है नारी। आध्यात्म हमें सत्य – असत्य, अच्छे – बुरे, सही – गलत का बोध कराता है।
श्रीमती चंदूभागा साहू, अध्यक्ष साहू समाज ने कहा कि सही मायने में नारी सशक्त तब होगी जब वह घर परिवार, समाज की जिम्मेवारीयो को पूरा करते हूए आगे बढे।
श्रीमती विजय लक्ष्मी महावर पूर्व प्रेसीडेन्ट इन्हरव्हील ने कहा कि वेदो में कहा गया है माता निर्माता, विधाता भवति हर महिला को अपने अंतिम लक्ष्य को पहचान उसे पाने का प्रयास करना चाहिए। स्वंय के अस्तित्व में झांक अपनी कमियों को दूर करना चाहिए।
श्रीमती केतकी साहू राष्ट्रपति पुरस्कृत आंगनबाडी कार्यकर्ता ने कहा कि आज की महिला घर परिवार गांव देहात से निकल समाज के हर क्षेत्र में अपनी उपस्थित दर्ज करा रही है। आज के समय में महिलाओ के लिए असुरक्षा जरूर बढी है लेकिन उसके बावजूद महिलाए बडी संख्या में हिम्मत के साथ आगे बढ रही है। नारी की सुरक्षा संगठन में ही है इसलिए नारी संगठन को आगे बढाना चाहिए।
अंत में महिला कमांडे ग्राम लिमतरा के सभी कार्यकर्ताओ का सम्मान किया गया। एवं आए सभी महिला मंडल के द्वारा ब्रह्माकुमारी सरिता बहन का उनके आध्यात्मि के क्षेत्र मे किए गए सेवाओ के लिए सम्मान किया गया।
पूजा विचक्षण महिला संगठन ने नारी सम्मान में भजन गाया, ब्रह्माकुमारी साल्हेवार पारा सेवाकेन्द्र की माताओ ने नारी के गौरवगाथा के संबध में मनमोहक समूह नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कामिनी कौशिक के द्वारा किया गया।