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Shri Krishna Janmashtami Programme in Dhamtari

Brahma Kumaris

कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

मोर मुकुट प्रतीक है पवित्रता का- सरीता बहन

धमतरी। ब्रह्माकुमारीज धमतरी के दिव्यधाम सेवाकेन्द्र पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती हेमल दोषी, अध्यक्ष इनरव्हील क्लब धमतरी, श्रीमती ज्योति गुप्ता, अध्यक्ष लायनेस क्लब धमतरी, श्री गोपाल प्रसाद शर्मा समाजसेवी, श्री जानकी प्रसाद शर्मा समाजसेवी धमतरी एवं ब्रह्माकुमारी सरीता बहन जी संचालिका दिव्यधाम सेवाकेन्द्र धमतरी सम्मिलित हुए।

ब्रह्माकुमारी सरीता बहन जी ने कहा कि स्वर्णिम संसार में पवित्रता सुख, शांति और समृद्धि थी और जहां एक भाषा, एक धर्म, एक कुल सम्पूर्ण एकता थी उस सतयुगी दुनिया के पहले राजकुमार श्री कृष्ण थे। वर्तमान समय सारा संसार ही जैसे कंसपुरी बन गया है कसं ने देवकी के बच्चो को जन्म लेते ही उनसे जीवन छीन लिया था उस समय धर्मप्रेमी प्रभुप्रेमी भक्तो का जीना मुश्किल हो गया था। यहां तक प्रकृति भी कंस के इस अत्याचार से परेशान थी।  इस कलियुग मे तो अजन्मे बच्चो को मां की कोख में ही मार दिया जाता है। धर्म के नाम पर अधर्म का कार्य किया जा रहा है। ऐसे समय पर ही श्री कृष्ण को अवतरित होते हुए दिखाया गया है और फिर उन्होने कंस के अत्याचार से अपने माता पिता, भक्तो और सारी धरती को मुक्त किया। श्री कृष्ण की लीलाओ में दिखाया जाता है कि उन्होने मधुर बंशी सबको सुनाकर सबका मनमोह लिया यह बशी है ज्ञान की पवित्र मीठे बोल जिसे सुनकर आत्मा अतिइन्द्रीय सुख का अनुभव करती है। मोर मुकुट प्रतीक है पवित्रता का। मटकी फोडना प्रतीक है पाप व्यर्थ और अधर्म से भरी बुद्वि को समाप्त करना। कालिया नाग के सिर पर नृत्य करना प्रतीक है पांच विकार काम, क्रोध लोभ मोह अंहकार इत्यादी पांचो विकारो पर विजय प्राप्त करने का। गोप गोपियो संग रास रचाने का अर्थ सबके साथ संस्कार मिलाते हुए सहयोग करते हुए रहना। इस प्रकार श्री कृष्ण की प्रत्येक लीला हमे प्रेरणा देती है। जीवन का अर्थ बतलाता है। वर्तमान समय स्वंय निराकार परमात्मा आकर हम सबको श्री कृष्ण जैसे जीवन बनाने की प्रेरणा आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से प्रतिदिन दे रहा है। परमात्मा स्वंय  हर मनुष्य परमात्मा से शक्ति लेकर अपने जीवन को दिव्य गुणो से सजाकर श्री कृष्ण की दुनिया आने का खुला निमत्रण सबको प्रदान कर रहा है। सभी अतिथियों ने इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त किये।

 

इस अवसर रूकमणी ,सत्यभामा और कृष्ण सुदामा सखा मिलन नाटक का भी मंचन किया गया तथा कृष्ण बने बच्चो ने कृष्ण भक्ति गीत में अपनी प्रस्तुति प्रदान की।