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Start the day with meditation – Dr. Dilip Nalge

Brahma Kumaris

दिन की शुरूआत मेडिटेशन से करे – डाॅ. दिलीप नलगे

धमतरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय धमतरी दिव्यधाम सेवाकेन्द्र पर सम्पूर्ण स्वास्थ्य के संबध में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुम्बई से पधारे डा. दिलीप नलगे द्वारा सम्पूर्ण स्वास्थय के संबध रोशनी डालते हुए कहा कि अस्वस्थता का मुख्य कारण है आहार और अनियमित दिनचर्या। हमें कब, कितना, कैसे और क्या खाना चाहिए इसकी अज्ञानता है। वर्ष भर मे छः ऋतुए होती है और छः प्रकार के रस होते हे। सभी ऋतुओ में हम एक ही प्रकार का समान मात्रा मे भोजन नही कर सकते। हमारे शरीर में मुख्यतः तीन प्रकार के दोष होते है जिसके असंतुलन से सारी बिमारीयां होती है वह है वात, पित्त, और कफ। बरसात के समय वात् बढता है जिस कारण शरीर मे जोडो में दर्द की शिकायत ज्यादा होती है। उस समय वात को कम करने वाली चीजे भोजन में लेना फायदेमंद है। शरद ऋतु में पित्त बढता है ऐसे में यदि हम भोजन मंे खटटा, तीखा, नमकीन चीजे ग्रहण करते है तो यह पित्त को बढाता है जो और ही नुकसानकारक है। इसलिए हमारे भारतीय संस्कृति में त्यौहार और उसमे बनने वाली व्यंजन भी इसी बात को घ्यान मे रखकर बनाए जाते है। ताकि शरीर में ऋतुओ के अनुसार उत्पन्न होने वाले दोषो को नियंत्रित कर सके। इसके अलावा रात को भोजन के बाद वाकिंग न करे बल्कि कुछ देर शांति से बैठे। रात में भोजन के बाद आईसक्रिम हमारे गले के लिए नुकसान कारक है। दिन की शुरूआत यदि हम मेडिटेशन से करे तो यह सबसे अच्छा होगा क्यों कि ब्रम्ह मुहुर्त में हमारे अवचेतन मन सक्रिय रहता है और मेडिटेशन उसके लिए अमृत का काम करता है इसलिए इस समय को अमृतवेला भी कहा जाता है। प्रातः काल मार्निंग वाक के लिए सूर्याेदय से लेकर 40 मिनट तक का समय सबसे अच्छा होता है अपने वाकिंग की गति भी धीरे धीरे बढना चाहिए तो फायदा होता है। हर आत्मा में सात गुण होते है इसलिए आत्मा को सतोगुणी भी कहा जाता है इन सात गुणो का सीधा संबध हमारे स्वास्थ्य और शरीर के अंगो से होता है जैसे ज्ञान से मस्तिष्क, पवित्रता से पांचो ज्ञानेन्द्रीयां, शांति से फेफडे़, प्रेम से हृदय, आनंद से पाचन तंत्र और शक्ति से हड्यिां एवं माशपेशियो को फायदा पहूंचता है। इसलिए स्व की स्थिति में स्थित रहना ही सम्पूर्ण स्वास्थ्य है।
ब्रह्माकुमारी सरिता बहन ने स्वागत करते हुए कहा कि मुंबई जाने से पहले आप इंदौर में रहकर ईश्वरीय विद्यालय की सेवाओ में सदा ही अपना सहयोग दिया। इससे पहले भी माए इंडियां हेल्थी इंडिया यात्रा के साथ आपका आगमन धमतरी मे हो चुका है। करलो स्वास्थय मुठी में विषय पर आपने देशभर में कई कार्यक्रम किए है जिससे हजारो लोग लाभन्वित हो चुके है।