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International Nurses Day Programme – 2018

Brahma Kumaris

Program  Video

https://www.youtube.com/watch?v=bX8LebBQoYg

                                                            अंर्तराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सो का सम्मान किया गया
धमतरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, धमतरी के द्वारा 12 मई अंर्तराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सो का सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें धमतरी सेवाकेन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सरिता बहन, डाॅ. डी. के. कुर्रे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला चिकित्सालय धमतरी एवं डाॅ. संदीप पटौदा, चिकित्सा अधीक्षक, धमतरी क्रिश्चियन अस्पताल धमतरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सरिता बहन ने उपस्थ्ति नर्सिग का कार्य कर रहे एवं नर्सिग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षार्थियो को संबोधित करते हुए कहा कि बढती बिमारी और मरीजो की संख्या को देखते हुए वर्तमान समय चिकित्सा के क्षेत्र मे नर्सो की बहुत आवश्यकता है, नर्स का अर्थ ही है चरित्रवान, अप -टू डेट, जिम्मेवार, प्रतिभावान, एवं सहानुभूति के साथ समानुभूति इन गुणो का समावेश है। किसी मरीज के लिए नर्स की जिम्मेदारी किसी डाक्टर से कम नही होती। उन्हे न केवल दवाई देनी साथ धीरज के साथ उनकी तकलीफो को समझते हुए व्यवहार मे भी आना है। मन की शांति और धीरज के लिए हमें प्रार्थना का सहारा लेना अच्छा है। इससे उन्हे दवा के साथ दुआ भी मिलेगी। इसके लिए बार बार अपने संकल्पो पर ध्यान देना आवश्यक है। मरीजो के प्रति अपने व्यवहार को सकारात्मक और शक्तिशाली बनाने के लिए आप बार बार यह अभ्यास करें कि जो मरीज स्वास्थ्य लाभ ले रहे है वह धीरे धीरे ठीक होते जा रहे है और एक दिन यहां से पूरी तरीके से ठीक होकर ही जाऐगें। मन में यह विचार लाए कि मरीज और उसके परिजनो के जीवन से यह समय भी एक दिन गुजर जाएगा। माफी मांगना और माफ करना सीखना होगा यह हमारे दिल को बडा बनाता है यह बडे दिल वाला ही कर सकता है। किसी भी मरीज को देखकर उसके पुराने व्यवहार पुराने अनुभव को मन मे न लाए बुरे पुरानी बातो को भूलाएगें तभी एक सकारात्मक उर्जा के साथ उसकी सेवा कर सकेगे।
इसी तरह डा. सदीप पटौदा, ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में नर्सो के योगदान और महत्व को सबके सामने लाने के लिए यह अर्तराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। एक नर्स का रोल अस्पताल, समाज और प्रशिक्षण स्थल तीनो जगह पर होता है। अस्पताल में डाॅक्टर तो किसी मरीज को 5 – 10 मिनट का ही समय दे सकता है जबकि नर्स को घंटो उनकी देखभाल की जिम्मेदारी होती है। वह हर मरीज के तकलीफ व्यवहार को देखती और समझती हैं। उसके अंदर धीरज और प्रेम की भावना होना बहुत जरूरी है। इसलिए नर्स को सिस्टर कहा जाता है। उसे सारे दिन में बेटी, माता, बहन, दोस्त बनकर मरीजो के साथ व्यवहार में आना पडता है।
इसी क्रम में डाॅ. डी. के. कुर्रे ने नर्सो को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिग का क्षेत्र सीधे मानव सेवा से जुडा हुआ है। इसमें अपने मन को संतुलित और आचरण को श्रेष्ठ रखते हुए कार्य क्षेत्र में जाना होता है। जिस दिन आप नर्सिग क्षेत्र से जुडते है। उसी दिन से आपको अपनी व्यक्तिगत दुःख, तकलीफो और परेशानियों को भूलाकर समर्पित रूप से अपनी सेवाएॅ देनी होती है। ब्रह्माकुमारी बहनो के जीवन को हम एक आर्दश के रूप में देख सकते है कि किस प्रकार मानवता की सेवा के लिए इन्होने अपने जीवन को समर्पित कर दिया है।
कार्यक्रम की शुरूआत में धमतरी क्रिश्चियन हास्पीटल में नर्सिग प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को सम्मान स्वरूप श्रीफल, डायरी पेन प्रदान किया गया और माला पहनाकर सबका सम्मान किया गया। ब्रह्माकुमारी नवनीता बहन ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मंच का संचालन ब्रह्माकुमारी जागृति बहन ने किया।