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हरित भारत स्वच्छ भारत के संकल्प के साथ टच द लाईट पाठ्यक्रम का शुभारंभ

धमतरी (07 अगस्त 2019)। ग्राम लीलर मे प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कें तत्वाधान में टच द लाइट प्रोग्राम का भव्य शुभारंभ ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी के मुख्य अतिथि में संपन्न हुआ इसमें जनपद सदस्य श्री सूर्य कुमार जी ने काम सरपंच महोदया श्रीमती गीताबाई ध्रुव शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष माध्यमिक शाला श्रीमती पुनीत कुमार प्राथमिक शाला के अध्यक्ष श्री पंचम साहू उपाध्यक्ष श्रीमती तुलसी नागर प्राथमिक शाला के उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिन्हा माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक श्री रमेश कुमार नेताम शिक्षक श्री भीखमसिह दीवान शिक्षक टिका राम देवांगन प्राथमिक शाला प्रधान पाठक श्री राम किशन सिंह मरकाम शिक्षक श्री देवेंद्र कुमार नेताम श्री विनोद कौशिक श्रीमती देश रामटेके लखनलाल ध्रुव सखाराम नेताम बुद्धेश्वर कवर श्री हेमलाल मरकाम भंवर सिंह मरकाम माखन सिंह नेताम देव सिंह दीवान किशन नेताम तुलसी बाई नगरची सुनीता सिन्हा बिंदाबाई मरकाम गीताबाई ध्रुव सरपंच पुनेशवरी कवर पंचम सिंह साहू अध्यक्ष पतिराम ध्रुव सरपंच प्रतिनिधि दुलेश्वर धुव ग्रामीण गौर सिंह मरकाम ग्रामीण अध्यक्ष आदि उपस्थित रहे एवं बडी संख्या मे विद्यालय के छात्र छात्राएॅ सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी सरीता दीदी ने वृक्ष और वृक्षारोपण के महत्व को बच्चो को समझाते हुए कहा कि एक वृक्ष 20 टन से अधिक कार्बनडाईआक्साइड अवषोशित कर हमे प्राणवायु आक्सीजन प्रदान करता है। हजारे रूपए का आक्सीजन हमें मुफ्त में देता है। इसके अलावा फल, फूल, पानी, छांव, लकडी, दवाईयां जैसे अनगिनत लाभ हमको वृक्ष से होते है। आज प्रकृति को हमारे संरक्षण की आवश्यकता है। भौतिक साधनो की चकाचैध में हम अपनी मूलभूत आवश्यकताओ के जननी की बलि चढा रहे है। वृक्ष है तो कल है। जिस प्रकार हमारे आसपास से पेड गायब होते जा रहे है मानव जीवन मे भी नैतिक मूल्यो का आभाव स्पष्ट नजर आ रहा है। नैतिकता की कमी के कारण परीवार समाज से प्रेम, शांति, सद्भावना, सदाचार इत्यादी गुण समाप्त होते जा रहे है। टच द लाईट एक ऐसा पाठ्यक्रम है जो माध्यमिक शाला के बच्चो में नैतिकता के प्रति आकर्षण रूचि पैदा करता है और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में लाने के लिए प्रेरित करता है। धमतरी नगर के अनेक विद्यालयो में यह 2007 से सफलतापूर्वक संचालित है। इसके सफलता को देखते हुए अब इसे आसपास के ग्रामीण क्षेत्र जैसे भटगांव, बोरिदकला, सेमरा इत्यादि स्थानो पर भी प्रारंभ किया गया है।