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सम्पूर्ण पवित्रता अपनाना ही जीवन का लक्ष्य हो – ब्र.कु. भारत भूषण भाई

सम्पन्नता से सम्पूर्णता की ओर दो दिवसीय योग तपस्या शिविर का आयोजन

धमतरी (04 अगस्त 2019)। आत्म अनुभूति तपोवन साकरा में आयोजित दो दिवसीय सम्पन्नता से सम्पूर्णता की ओर दो दिवसीय योग तपस्या शिविर का आयोजन किया गया जिसमें पानीपत हरियाणा से पधारे हुए ब्रह्मकुमार भारत भूषण भाई ने धमतरी, नगरी, कुरूद, भखारा, गुरूर, मगरलोड के ब्रह्माकुमारीज सेवाकेन्द्रो से आए हुए भाई बहनो को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञानी और योगी आत्माओ की पहचान उसके बोल से होती है बोल जैसे मुख से मोती जैसे हो, सत्य हो सभ्यता हो अन्य को उमंग – उत्साह में लाने वाले हो। बोल का बीज है संकल्प आपके बोल को श्रेष्ठ बनाने के लिए संकल्प को श्रेष्ठ बनाए। राजयोगी जीवन का सबसे पहला लक्ष्य है सम्पूर्ण पवित्र जीवन सम्पूर्ण पवित्रता अर्थात मन वचन कर्म से सर्व के प्रति शुभभावना शुभकामना की भावना पवित्रता ही इस ईश्वरीय विश्व विद्यालय की नींव है। पवित्रता अपनाने के लिए अपने आसपास के ऐसे साधन जैसे – टी.वी. मोबाईल, सिनेमा, पत्र पत्रिकाएॅ इत्यादी जिसके कारण मन मे अपवित्र संकल्प उठते है ऐसे साधनो का सावधानी से प्रयोग करे आवश्यकता अनुसार ही उपयोग करे। ऐसे वस्तुए से स्वंय को बचाए। सारे दिन की दिनचर्या मे स्वंय को बार बार चेक करे मेरे मन मे कितने प्रतिशत पवित्र सकल्प आए और कितने प्रतिशत अपवित्रता के संकल्प आए। जब स्वंय के ऐसी सूक्ष्म चेकिग करेगें तब ही जीवन में सम्पूर्ण पवित्रता को धारण कर सकेगें।
इस अवसर पर धमतरी के विधायक महोदया श्रीमती रंजना साहू जी श्री महेश साहू, श्री के.आर. बांकडे, श्री बलदाऊ चंद्राकर, श्री छगन लाल साहू, श्री भगवान भाई ने ब्र.कु. भारत भूषण भाई का शाल ओढाकर श्रीफल प्रदान कर सम्मान किया उन्होने कहा कि ब्रह्माकुमारीज में आने से मुझे न केवल परमात्म आर्शीवाद प्राप्त होता है बल्कि सही मार्गदर्शन भी मिलता है। जब मै संस्था के कार्यो को देखती हूॅ तो मुझे भी प्रेरणा मिलती है कि कैसे जन समान्य की सेवा करते हुए स्वंय के उन्नति के लिए भी समय निकाल लेते है। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए स्वंय के समय निकाल पाना बहुत मुश्किल होता है। किसी भी बडे कार्य की शुरूआत छोटे छोटे कदमो से ही होती है। और हमें भी दिनभर में कुछ मिनट स्वंय के लिए निकाल कर श्रेष्ठ जीवन की अपने कदम बढाने चाहिए।
ब्रह्मकुमारी सरिता दीदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज यहां आने वाले नियमित विद्यार्थियों के लिए मुख्यालय माउंट आबू में योग तपस्या शिविर का आयोजन प्रतिवर्ष करता ही है लेकिन कई ऐसे माताएॅ और भाई बहन होते है जो किसी कारण से वहां नही जा पाते तो उनके आध्यात्मिक उन्नति के लिए इस आत्मअनूभूति तपोवन में प्रतिवर्ष दो से तीन दिवसीय मौन योग शिविर का आयोजन करते है जिसमें माउंट आबू से वरिष्ठ और अनुभवी योगी आत्माएॅ जिन्होने अपना तन मन धन सर्वस्व विश्व सेवा के कार्य मे लगा दिया ऐेसे योगी तपस्वी आत्माओ को भेजा जाता हैं। उनके सानिघ्य में यह शिविर सम्पन्न होता है।